मंडल अध्यक्ष विधानसभा प्रभारी एवं प्रमुख के साथ

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[23/02 1:08 pm] Avinash Manu Gya Rim: रिपोर्टर अवनीश गया से

गया,आज दिनांक 21/2/2019को भारतीय जनता पार्टी गया शहर विधानसभा कार्यालय में विधानसभा के चारों मंडल अध्यक्ष विधानसभा प्रभारी एवं प्रमुख के साथ बैठक की गई  बैठक की अध्यक्षता गया विधानसभा प्रभारी रुपेश कुमार वर्मा जी के द्वारा किया गया जिसमें संगठन एवं लोकसभा के चुनाव पार्टी कार्यक्रम पर चर्चा किया गया जो कार्यक्रम इस प्रकार है  12 फरवरी से 2 मार्च  तक मेरा परिवार भाजपा परिवार  पर चर्चा, 24 फरवरी नरेंद्र मोदी के मन की बात पर चर्चा, 26 फरवरी कमल ज्योति संकल्प कार्यक्रम पर चर्चा, 2 मार्च मोटरसाइकिल महारैली पर चर्चा, एवं अन्य कार्यक्रम पर चर्चा की गई , इस बैठक में गया विधानसभा विस्तारक सत्यम सिंह विधानसभा सह प्रभारी रविंद्र कुमार, सोशल मीडिया प्रमुख अनिल कुमार सिंहा, सोशल मीडिया सह प्रमुख चंदन भदानी एवं अजय कुमार, मीडिया  प्रमुख करण कुमार एवं दीनानाथ प्रसाद , कमल ज्योति कार्यक्रम प्रभारी अनंतधीश अमन  मध्य मंडल अध्यक्ष रंजीत बरपुरिया, दक्षिण मंडल अध्यक्ष द्वारकाधीश एवं उपाध्यक्ष हरि विष्णु प्रसाद उत्तर मंडल अध्यक्ष राहुल कुमार एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे ।।।।

[23/02 6:10 pm] Manoj Ji Jharkhand: **झारखंड में चरमरा सकती है कानून व्यवस्था की स्थिति राज्य भर के 70हजार पुलिस कर्मी जाएंगे हड़ताल पर**.

 

 

 

रांची: झारखंड में आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा सकती है.7 सूत्री मांग पूरा नहीं होने पर राज्य भर के 70 हजार पुलिसकर्मी 28 फरवरी से 4 मार्च तक सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा किए हैं.और अगर ऐसा हुआ तो राज्य में केवल आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियो के भरोसे ही राज्य की सुरक्षा रह जायेगी.

 

*तीसरे चरण के आंदोलन के तहत जाएंगे अवकाश पर पुलिस कर्मी*

 

प्रथम चरण के तहत काला बिल्ला लगाकर काम करने और द्वितीय चरण तहत एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम समाप्त हो चुका है. तीनों संघ के प्रतिनिधियों का कहना की हमारी सात सूत्री मांग पूरी नहीं होती है तो तीसरे चरण के आंदोलन के तहत 27 फरवरी की रात्रि 12 बजे से 4 मार्च तक के लिए 5 दिनों का सामूहिक अवकाश में जाने का कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएगा.

 

*पुलिस महानिदेशक के साथ वार्ता हुई थी विफल:-*

 

बता दें कि 11 फरवरी को पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन तथा झारखंड पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ की पुलिस महानिदेशक के साथ हुई वार्ता विफल हो गयी थी. तीनों संघों के प्रतिनिधियों की पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस के आलाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी. जिसकी अध्यक्षता झारखंड पुलिस महानिदेशक ने की थी.

 

चुनाव की तैयारी में जुटे पुलिसकर्मी

 

इस मामले में एडीजी मुरारी लाल मीणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय के तरफ से पुलिसकर्मियों से अनुरोध किया गया है कि चुनाव सामने हैं कभी भी चुनाव की तारीख घोषित हो सकते हैं और ऐसे समय में पुलिस विभाग को अनुशासन में रहकर चुनाव की तैयारी करनी चाहिए पुलिस विभाग हड़ताल पर जाएंगे तो यह गलत मैसेज जाएगा यह समय नहीं है इस तरीके से काम करने कि यह गलत समय चुना गया है.इनकी मांगों पर सरकार सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है इसके बावजूद भी यह इस तरह के हड़ताल पर जाएंगे तो यह गलत है.

 

मानवीय संवेदना की जरूरत पड़ी तो हमारे जवान शरीर और खून देकर करेंगे सेवा

 

इस मामले में जब पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश पांडे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 2011 से पुलिस कर्मियों की मांग है 1 महीने के अतिरिक्त वेतन दिया जाए और अतिरिक्त वेतन हम लोग अनुदान कोई सरकार से नहीं मांग रहे हैं. पुलिस के जवान छुट्टी के दिन भी काम में लगे रहते हैं उसके एवज में एक महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जाए आज भी पुलिस कम पैसा में जनता को सेवा देना जानती है.चुनाव का अगर माहौल है तो 2011 से तो चुनाव नहीं हो रहा है चुनाव की बात कहकर और हम लोग पर लांछन लगाना गलत बात है.हम लोग चुनाव की ड्यूटी को सफल बनाएंगे हम लोग चुनाव का सम्मान करते हैं और बिना वेतन का भी चुनाव ड्यूटी करेंगे सरकार हम लोग को जनता का सेवा करने से वंचित कर रही है और सरकार हम लोग को चुनाव का धर्म निभाने से भी वंचित कर रही है.पुलिसकर्मी के जवान अगर हड़ताल में भी रहेंगे और जहां मानवीय संवेदना की जरूरत पड़ेगी तो पुलिसकर्मी की जवानों अपने शरीर और अपने खून देकर सेवा करेंगे.

 

28 मार्च को पुलिस लाइन प्रस्थान कर जाएंगे पुलिसकर्मी

 

पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश पांडे ने बताया कि 27 फरवरी को सभी जिला के पुलिस अधीक्षक, जैप के समादेष्टा और सभी जवान जहां भी कार्यरत हैं उनके जो छुट्टी नियंत्रण अधिकारी हैं उनको लेटर दे दिया जाएगा और 28 फरवरी से स्वता पुलिसकर्मी के जवान अपने अपने जिले के पुलिस लाइन प्रस्थान कर जाएंगे वह घर नहीं जाएंगे लेकिन काम नहीं करेंगे.

 

क्या है सात सूत्री मांगें

 

1- झारखंड पुलिस एसोसिएशन और मेंस एसोसिएशन, राज्य सरकार द्वारा की जा रही सिपाही से सीधे एसआई की भर्ती को रद्द करने की मांग कर रही है. एसोसिएशन के अनुसार अगर सिपाही को सीधे दारोगा बना दिया जाएगा, तो कई लोगों का प्रमोशन बाधित हो जाएगा.

 

2- मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी कि राज्य के पुलिसकर्मियों को 13 माह का वेतन दिया जायेगा. मुख्यमंत्री की घोषणा के 2 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक यह व्यवस्था सरकार की तरफ से लागू नहीं की गई.

 

3- सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पुलिसकर्मियों को मिलने वाले भत्ते तथा वर्दी भत्ता, राशन मनी, धुलाई भत्ता, भोज भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में 25% अतिरिक्त भत्ता एवं अन्य सभी भत्तों को निरंतर से लागू किया जाए तथा अपराध अनुसंधान विभाग, विशेष शाखा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को राज्य के जिला/ इकाई में पदस्थापित पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी भत्ता दिया जाए.

 

4- एसीपी/एमएसीपी की लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए तथा एसीपी के लिए काल गणना नियुक्ति की तिथि में की जाये. प्रशिक्षण की तिथि से गणना करने की नियमावली को संशोधित किया जाए.

 

5- शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित पुत्र की नौकरी हेतु निर्धारित उम्र सीमा में अन्य आश्रितों की तरह अधिकतम उम्र सीमा की छूट दी जाए एवं आश्रित परिजनों को मिलने वाली राशि में से 25 % उसके माता पिता को दी जाए.

 

6- नई पेंशन नियमावली की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए.

 

7- वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरह कनीय पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए तथा प्रतिपूर्ति की नियमावली को सरल बनाया जाए.

रिपोर्टर मनोज कुमार झारखंड

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