जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र सहित सम्पूर्ण बिहार के किसानों की हालत बहुत ही चिंतनीय है :-भाई दिनेश

Bharat Darpan updates
111 Views

सरकार से हमारा अपील है डीजल अनुदान न देकर सिचाई के साधन को सुब्यवसथित करे ।
डीजल अनुदान के पैसे को बिजली विभाग को देकर हर गांव त्वरित ट्रांसफॉर्मर की संख्या और क्षमता बढ़ाने का निर्देश दे बहुत हद तक किसान को त्वरित राहत मिल जायेगा ।
डीजल अनुदान के नाम पर हर वर्ष 8 से 10 अरब रुपये सरकार के खजाने से निकल जाता है लेकिन उससे किसान को 1 प्रतिसत भी लाभ नही मिल पाता है ।
जब तक डीजल अनुदान की प्रक्रिया पूरा करेगा किसान ,ब्लॉक का चक्कर लगाते लगाते फसल का कटनी शुरू हो जाता है इसके बाद 25 प्रतिशत किसान को एक हजार से 2 हजार रुपया मिलता है इस अनुदान के लिए मिले पैसे के बराबर ब्लॉक पर जाने आने ऑनलाइन आवेदन करने में इतना पैसा किसान का खर्च हो जाता है ,किसान का मजदूरी जोड़ा जाय तो किसान घाटे में ही रहता है ।
डीजल अनुदान के पैसे और हर वर्ष लघु सिंचाई के नाम निकलने वाले पैसे से नलकूप का कार्य हो जाय तो राज्य के अंदर सभी बन्द पड़े नलकूप चालू हो जाएंगे और नए भी नलकूप लग जायेगा जो कई वर्षों तक किसान उसका उपयोग कर सकता है ।
डीजल अनुदान के पैसे और हर वर्ष नहर की मरम्त करने के नाम पर पैसा निकलता है अगर दो नो पैसे को मिलाकर कार्य हो जाय तो किसानों के लिए सबसे सस्ते ,सबसे सुलभ ,सबसे सुरक्षित और सबसे लाभदायक सिचाई तंत्र नहर को मजबूत किया जा सकता है ।
डीजल अनुदान के नाम पर जितना पैसा हर वर्ष फसल बचाने के नाम पर निकल रहा है और उसका लाभ किसानों को नही के बराबर मिलता है उतने पैसे से किसान को मुफ्त कृषि के लिए बिजली दिया जा सकता है जिससे किसान को लाभ पहुचेंगे और सरकार को भी किसान के नाम पैसे देने का सकून का अनुभव प्राप्त होगा ।

City News