Tuesday, March 10, 2026

धर्मांतरण पर सरकार सख्त…अब 10 साल तक की सजा का प्रावधान, जानें नए कानून के मुख्य बिंदु

छत्तीसगढ़ : में जबरन और प्रलोभन आधारित मतांतरण की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए सरकार अब एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। Chhattisgarh Anti-Conversion Law के रूप में राज्य सरकार आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र (14 से 17 दिसंबर) में एक सख्त और प्रभावी विधेयक पेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार गठन के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाने का वादा किया था, और नया प्रस्तावित कानून उसी वादे को पूरा करने का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

राज्य सरकार ने नया कानून तैयार करने के लिए ओडिशा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के धर्म स्वतंत्रता अधिनियमों का विस्तृत अध्ययन किया है। लगभग पांच पेज के इस मसौदे में 17 अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश में जबरन मतांतरण की कोशिशों पर पूर्ण विराम लगाना है।

प्रस्तावित Chhattisgarh Anti-Conversion Law के तहत किसी भी तरह के प्रलोभन, धोखाधड़ी, दबाव या प्रताड़ना के माध्यम से कराए गए मतांतरण को सीधा अपराध माना जाएगा। यह नया कानून मौजूदा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 को प्रतिस्थापित करेगा, जिसमें जबरन धर्मांतरण के लिए केवल एक वर्ष की सजा और 5,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान था।

बस्तर, जशपुर और रायगढ़ जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लंबे समय से प्रलोभन आधारित धर्मांतरण के आरोप लगते रहे हैं, जिससे कई बार सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है। सरकार का मानना है कि नया कानून ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने में मदद करेगा।

शीतकालीन सत्र में इस विधेयक की प्रस्तुति राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मामलों को नई दिशा मिल सकती है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles