
जयपुर। भरतपुर से जयपुर ले जाते समय नवजात की एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से मौत हो गई। बच्चे के पिता का आरोप है कि रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर खाली हो गया, जिससे मासूम ने उसकी गोद में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। नवजात को सांस लेने में दिक्कत थी। गुरुवार को उसका जन्म बयाना के सरकारी अस्पताल में हुआ था, जहां से पहले उसे भरतपुर के जनाना अस्पताल और फिर जयपुर रेफर किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिता मुकेश ने बताया कि एम्बुलेंस में लगे ऑक्सीजन सिलेंडर से बच्चे को सपोर्ट दिया जा रहा था, लेकिन करीब दो घंटे बाद रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गई। बच्चा छटपटाने लगा और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। आरोप है कि एम्बुलेंस ड्राइवर बच्चे को बस्सी के सरकारी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। पिता बच्चे के शव को लेकर अस्पताल परिसर में बैठा रहा, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली।
परिजनों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद बस्सी पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही कोई मदद की। पुलिस ने पिता को बच्चे के शव के साथ बस में बैठाकर भरतपुर भेजा। भरतपुर पहुंचने पर भी अस्पताल और पुलिस से परिजनों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मजबूर होकर परिवार नवजात का शव गांव ले गए, जहां देर रात उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
