Tuesday, March 10, 2026

पुतिन के भारत दौरे से पहले ट्रम्प का बड़ा हमला, 500 % टैरिफ की धमकी पर सियासी भूचाल

डोनाल्ड ट्रंप |अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब किस करवट पलट जाएंगे पता नहीं होता. कभी वो भारत के साथ ट्रेडडील की बात करते हैं तो कभीअनाप-शनापटैरिफ लगाते हैं. खासकर रूस से तेल खरीदने पर उनका रवैया सख्त रहा है. रूसी तेल की खरीद के चलते ही भारत पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा रहा है. अब उन्होंने उन देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है, जो रूस के साथ कारोबार करते हैं, रूसी तेल खरीदते हैं.ट्रंपने ये बात उस वक्त कही है, जब रूसी राष्ट्रपतिब्लादिमीरपुतिनभारत आने वाले हैं. 5 दिसंबर कोपुतिनभारत आएंगे. माना जा रहा है किपीएममोदी से मुलाकात के दौरान तेल से लेकरट्रेडपर बात होगी, लेकिन रूसी राष्ट्रपति के नई दिल्ली दौर से पहलेट्रंपकी बौखलाहट दिखने लगी है. भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है, ऐसे मेंट्रंपके इस ऐलान से भारत पर सीधा असर होगा. अगर ये कहे किट्रंपने भारत को रूसी तेल की खरीद पर खुली धमकी दी है तो गलत नहीं होगा |

रूसी तेल खरीदने पर 500 फीसदी टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्डट्रंपने एक बार फिर से भारत समेत दुनिया के कई देशों कीचिंताबढ़ा दी. उन्होंने कहा है किवो ऐसे कानून के समर्थन में हैं जिसमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध या 500% तक टैरिफ लगाया जा सके. उन्होंने कहा कि कोई भी देश अगर रूस के साथ कारोबार करता है तो उसे 500 फीसदी टैरिफ और प्रतिबंधों का सामना करना होगा |

फिर क्यों बिफरेडोनाल्डट्रंप?

डोनाल्डट्रंपने रूस के साथ कारोबार करनेवालोंपर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है. उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान को भी इसलिस्टमें शामिल किया जा सकता है.ट्रंपरूस की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाकरयूक्रेनके साथ युद्ध रुकवाना चाहते हैं. इसलिएउन्होनेटैरिफ को हथियार बना लिया है. उन्होंने कहा है किवोऐसे कानून के समर्थन में हैं जिसमें रूस के साथ व्यापार जारी रखने वाले किसी भी देश पर बहुत भारी प्रतिबंध या 500% तक टैरिफ लगाया जा सके.दरअसलरिपब्लिकनसांसद ऐसे विधेयक तैयार कर रहे हैं, जिनमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध या टैरिफ लगाया जाएगा |

निशाने पर भारत

ट्रंपकी इन नीतियों का असर भारत और रूस जैसे देशों पर सबसे ज्यादा होगा, क्योंकि दोनों ही रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदते हैं. भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा ऊर्जा खरीदार है.अक्टूबर2025 में भारत ने रूस से 28,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का तेल खरीदा है. हालांकिअमेरिकदबाव के बाद भारत कीरिफाइनरीरूसी तेल की खरीद से दूरी बना रहे हैं. अमेरिका ने इससे पहले रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया. अबवो500 फीसदी टैरिफ का बम फोड़ रहे हैं|
 

 

Previous articleपटना में RJD की मीटिंग, विधायक दल का नेता चुने गए तेजस्वी यादव
News Desk

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles