Tuesday, March 3, 2026

मप्र-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होने के मुहाने पर…

नई दिल्ली/रायपुर। सुरक्षाबलों को सोमवार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर एवं सेंट्रल कमेटी मेम्बर रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ के बकरकट्टा में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। रामधेर मज्जी, जो कुख्यात नक्सली नेता हिडमा के समकक्ष माना जाता था। उस पर 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है, जो इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों की एक निर्णायक जीत है।
आत्मसमर्पण करने वाले 12 माओवादी कैडरों में रामधेर मज्जी  के अलावा तीन डिविजनल वाइस कमांडर और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण के समय उनके पास से एके-47, 30 कार्बन, इंसास, .303, और एसएलआर जैसे घातक हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनस्र्थापन का आश्वासन दिया गया है।

बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त

बालाघाट जिले के बॉर्डर से सटे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित थाना बकर कट्टा में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 12 कैडर ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इन कैडरों ने अपने पास मौजूद हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए। मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है।

अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय

बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा।

11 दिन में 33 माओवादी सरेंडर

बालाघाट में बीते 11 दिनों में दर्रेकसा और केबी डिविजन के कुल 33 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिसे माओवाद विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवार को खैरागढ़ में हुए 12 सरेंडर के बाद मप्र (विशेषकर बालाघाट) में माओवाद समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस का दावा है कि लाल आतंक लगभग खत्म होने वाला है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles