Thursday, March 5, 2026

सर्वदलीय बैठक कल, संसद में शीतकालीन सत्र पर सभी दलों की आम सहमति बनाने की तैयारी

1 दिसंबर सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बिलों को पेश करने की तैयारी में है। सत्र सुचारू रूप से चले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट न चढ़े, इसके लिए सरकार सभी दलों के बीच आम सहमति बनाने की कवायद में है। इसी कड़ी में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कल, यानी 30 नवंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। कल सुबह 11 बजे संसद भवन में यह मीटिंग होगी। इस बैठक का उद्देश्य शीतकालीन सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए सभी दलों के बीच सहमति बनाना था।

इससे पहले हाल ही में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बैठक को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि विपक्ष के नेताओं के साथ विधेयकों की सूची साझा करने और उनके सुझाव लेने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। जिसके बाद विपक्षी नेताओं के सुझावों के अनुसार सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।

1 से 19 दिसंबर तक चलेगी शीतकालीन सत्र की कार्यवाही

संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही बताया था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन तारीखों पर सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी हैं। इस बार 19 दिनों के दौरान कुल 15 बैठकें निर्धारित हैं। 5 और 19 दिसंबर को निजी सदस्यों के विधेयकों पर तथा 12 दिसंबर को निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

कई अहम बिल पेश करने की तैयारी

सरकार इस शीतकालीन सत्र में 10 नए विधेयक पेश करने की योजना में है। इनमें परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025, हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल सहित सड़कों, कंपनियों और बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक शामिल हैं। जिन बिलों में संशोधन प्रस्तावित हैं, उनमें नेशनल हाईवेज (संशोधन) बिल, कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025, और सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (SMC) बिल, 2025 शामिल हैं। साथ ही सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में बदलाव लाने की भी तैयारी कर रही है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles