Tuesday, March 3, 2026

सीएसए की सफलता गाथा: मेहनत, नवाचार और उत्कृष्टता का अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति

सफलता मेहनत और दृढ़ निश्चय का परिणाम है- (छाया)सीएसए

संघर्ष से..सफलता की ओर….
हर कदम जीत की और…….

सितंबर 24, 2025 को सीएसए को
” वर्ल्ड चैरिटी वेलफेयर फाउंडेशन” द्वारा “डॉ. बी. आर. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार-2025” से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए असाधारण समर्पण और उत्कृष्ट योगदान की मान्यता में है।नवोन्मेषी कार्यक्रमों, रचनात्मक अभिव्यक्ति और कलात्मक उत्कृष्टता के माध्यम से, संस्था ने अनगिनत व्यक्तियों को रचनात्मकता अपनाने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया है।

यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पश्चिम बंगाल की समन्वयक श्रीमती तिथि दत्ता, ओ.एस. समन्वयक श्रीमती प्रियंका घोष, आईटी एग्जीक्यूटिव – अंकिता सेट: बक्शी, अध्यक्ष डॉ. कौशिक सिन्हा और निदेशक डॉ. परवीन सिन्हा के सम्मानित मार्गदर्शन के तहत “सरत सदन” कोलकाता में उपस्थित थे।

चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट (सीएसए) रचनात्मकता और कलात्मक उत्कृष्टता को पोषित करने के लिए समर्पित एक प्रतिष्ठित संस्थान है। ललित कलाओं को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से, सीएसए सीखने, नवाचार और सांस्कृतिक विकास का केंद्र रहा है। यह स्कूल महत्वाकांक्षी कलाकारों को अपने कौशल का अन्वेषण करने, अपनी कल्पना को अभिव्यक्त करने और कला के क्षेत्र में सार्थक करियर बनाने के अवसर प्रदान करता है। प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से, सीएसए कला समुदाय पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता रहा है।

 

अपने उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में, सीएसए को वर्ल्ड चैरिटी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा डॉ. बी. आर. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाया था।

चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट भारत के अन्य बोर्डों के बीच सबसे अच्छे परीक्षा बोर्डों में से एक है। सीएसए भारतीय कला और संस्कृति के लिए एक वैश्विक परीक्षा बोर्ड है। हम भारत के पहले परीक्षा बोर्ड हैं जिन्हें भारत सरकार से बैक टू बैक पुरस्कार मिला।

आपके समर्थन, उपस्थिति से, हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम भारत के कोने-कोने में फैलेंगे…

 

 

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