Tuesday, March 3, 2026

MP में सभी सरकारी नौकरियों के लिए एक ही एग्जाम होंगे, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने मंगलवार को राज्य के युवाओं और कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने घोषणा की कि अब मध्यप्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक समान परीक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। यह परीक्षा यूपीएससी (UPSC) की तर्ज पर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी अलग-अलग विभागों में भर्ती परीक्षाएं होने से न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि रोजगार मिलने में भी देरी होती है। अब एकीकृत परीक्षा प्रणाली से युवाओं को अवसर तेजी से मिल सकेंगे।

डॉ. यादव राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ के दीपावली मिलन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। सीएम ने बताया कि पुलिस विभाग में 20 हजार से अधिक रिक्त पद हैं, जिन्हें अगले तीन वर्षों में भरने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभिन्न संवर्गों में वेतन विसंगतियों और ग्रेड पे में अंतर को दूर करने के लिए एक कर्मचारी आयोग का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में काम अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका समाधान निकलेगा। महंगाई भत्ते को लेकर सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के समान भत्ता देने के लिए प्रतिबद्ध है। अक्टूबर तक पांच समान किस्तों में एरियर देने का काम पूरा कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकारी आवासों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही इन पदों पर 19,504 नई भर्तियां भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के लिए नई पेंशन व्यवस्था (NPS) को लेकर एक कमेटी गठित की गई है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट देगी।

डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का भुगतान नौ साल से लंबित था, जिसे उनकी सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के चेहरों की मुस्कान हमारी ताकत है। वे ही सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।कार्यक्रम के दौरान राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। इसमें कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु समान करने, महंगाई भत्ता बढ़ाने और शिक्षकों की वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से तय करने जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं।

Previous articleपीएम मोदी की उपस्थिति में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर सरदार पटेल के वंशज भी होंगे शामिल
News Desk

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles