Tuesday, September 29, 2026
HomeHealthहियरिंग-केयर में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देगा ‘HEAR INDIA’, डॉ. राज...

हियरिंग-केयर में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देगा ‘HEAR INDIA’, डॉ. राज शर्मा और डॉ. मणी बंसल की पहल

नई दिल्ली: हियरिंग हेल्थ के क्षेत्र में तकनीकी विकास, रिसर्च और विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘HEAR INDIA – इंडियाज़ हियरिंग केयर एंड इनोवेशन समिट’ की शुरुआत की गई है। इस पहल को प्रायोरिटी हियरिंग के फाउंडर डॉ. राज शर्मा और को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल द्वारा शुरू किया गया है।

HEAR INDIA को एक राष्ट्रीय स्तर के मंच के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां हियरिंग-केयर से जुड़े चिकित्सक, ऑडियोलॉजी विशेषज्ञ, ईएनटी प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स, हेल्थकेयर लीडर्स और टेक्नोलॉजी से जुड़े संगठन एक-दूसरे के साथ विचार और अनुभव साझा कर सकें।

आधुनिक तकनीक पर विशेष ध्यान

हियरिंग-केयर क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास के साथ मरीजों के लिए नए समाधान सामने आ रहे हैं। ऐसे में HEAR INDIA के माध्यम से Emerging Technologies पर चर्चा और विशेषज्ञों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

पहल के तहत किफायती और आधुनिक हियरिंग-केयर समाधानों के विकास, उपयोग और संभावनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

रिसर्च और क्लिनिकल प्रैक्टिस के बीच सहयोग

HEAR INDIA का एक प्रमुख उद्देश्य रिसर्च और क्लिनिकल प्रैक्टिस के बीच संवाद को मजबूत करना भी है। मंच पर रिसर्चर्स और क्लिनिकल प्रोफेशनल्स को अपने अनुभव तथा क्षेत्र में हो रहे विकास को साझा करने का अवसर मिलने की परिकल्पना की गई है।

इसके साथ ही टेक्नोलॉजी कंपनियों और हेल्थकेयर सेक्टर के बीच संभावित सहयोग पर भी चर्चा की जा सकती है।

भारत से वैश्विक समाधान विकसित करने की संभावना

डॉ. राज शर्मा ने भारत की तकनीकी और क्लिनिकल क्षमता पर जोर देते हुए कहा, “भारत के पास बेहतरीन क्लिनिकल टैलेंट, तकनीक और इनोवेशन की क्षमता है। हम केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि भारत से पूरी दुनिया के लिए हियरिंग-केयर सॉल्यूशंस तैयार कर सकते हैं।”

उनका कहना है कि भारत में मौजूद विशेषज्ञता और इनोवेशन क्षमता का उपयोग हियरिंग-केयर के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने के लिए किया जा सकता है।

तकनीक के साथ मरीजों की जरूरतें भी महत्वपूर्ण

HEAR INDIA के को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल ने हियरिंग-केयर में तकनीक के साथ क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीज-केंद्रित देखभाल के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “तकनीक में कितनी भी प्रगति हो जाए, लेकिन बीमारी की समय पर पहचान, सही क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीजों की सहानुभूतिपूर्वक देखभाल ही हमेशा इलाज के केंद्र में रहनी चाहिए।”

इस दृष्टिकोण के तहत तकनीकी विकास को मरीजों की वास्तविक जरूरतों और उचित क्लिनिकल देखभाल के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है।

चार सिद्धांतों पर आधारित HEAR INDIA

‘HEAR INDIA’ की अवधारणा People, Practice, Progress और Possibilities के चार मूल सिद्धांतों पर आधारित है। इन सिद्धांतों के जरिए हियरिंग-केयर क्षेत्र में लोगों को जोड़ने, बेहतर प्रैक्टिस को साझा करने, नई प्रगति पर चर्चा करने और भविष्य की संभावनाओं को तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, HEAR INDIA को सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस के रूप में नहीं बल्कि हियरिंग हेल्थ, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े व्यापक राष्ट्रीय संवाद के मंच के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस पहल के जरिए भारत में हियरिंग-केयर को लेकर जागरूकता बढ़ाने और क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों एवं संस्थाओं के बीच ज्ञान और सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular